दिया की दस मेहनती मधुमक्खियाँ

आयु 2–4

धूप भरे मैदान में दिया अपने मधुमक्खी दोस्तों की मदद करती है, जो भारी फूलों का रस घर ले जा रहे हैं। वह एक, फिर दो, फिर तीन, फिर चार गिनती है, और आख़िर में दसों नन्ही मधुमक्खियाँ सुरक्षित घर पहुँच जाती हैं।

"दिया की दस मेहनती मधुमक्खियाँ" का कवर

भिनभिन मधुमक्खी उड़ती हुई आई। वह इतनी थक गई थी कि फूलों का पराग घर तक नहीं ले जा पा रही थी। दिया बोली, “आज एक नन्ही मधुमक्खी को मदद चाहिए! मेरी टोकरी में बैठ जाओ भिनभिन, चलो चलें!”

“एक!” दिया ने गिना और भिनभिन को आराम से टोकरी में बिठा दिया। एक मेहनती मधुमक्खी, सही-सलामत! चल पड़े सब आगे, रस्ते पर साथ-साथ!

एक चिकने सलेटी पत्थर के पास दो नन्ही मधुमक्खियाँ अटकी बैठी थीं। रास्ते में पानी का गड्ढा था! दिया बोली, “दो मधुमक्खियों को मदद चाहिए!” और छपाक से कूदकर उनके पास पहुँच गई।

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