आरव का संग्रहालय में डायनासोर वाला दिन
आयु 3–7
जब संग्रहालय की बत्तियाँ धीमी हो जाती हैं और दरवाज़े बंद हो जाते हैं, तब आरव को पता चलता है कि डायनासोर के कंकाल जाग गए हैं और यह याद करना चाहते हैं कि वे पहले क्या खाते थे। सूरज निकलने से पहले उनके दाँतों के सुराग पढ़ने का काम आरव को ही करना है।

संग्रहालय बंद होने वाला था। बत्तियाँ धीमी हो गईं। आरव अपने जूते का फीता बाँधने के लिए रुक गया। “सूरज निकलने से पहले हमें सब याद करना होगा, वरना ये डायनासोर सब कुछ भूल जाएँगे!”
लंबूराम ने अपनी बड़ी-बड़ी हड्डी वाली आँखें झपकाईं और धीरे से चरमराती आवाज़ में आह भरी। “अरे बाप रे, अरे बाप रे,” वह बोला, “मुझे बिल्कुल याद नहीं आ रहा! जब सब अँधेरा हो गया, उससे पहले मैं क्या खाता था? मुझे डर है, सुबह तक मैं सब भूल जाऊँगा!”
“मैं मदद करूँगा!” आरव खुशी से उछलकर बोला। “चलो सुराग ढूँढते हैं, यही तो असली तरीका है! दाँत बताते हैं कि डायनासोर क्या खाते थे। चपटे और चौड़े, या नुकीले और तेज़!”


