वीर और रोबो के सही-सही आदेश
आयु 5–8
जब वीर बगीचे की भूलभुलैया में रोबो के लिए रास्ता बनाता है, तो एक छोटी-सी गलती नन्हे रोबोट को गलत दिशा में भेज देती है। तब वीर को कदमों में से गलती ढूँढकर सुधारनी पड़ती है, ताकि दोनों पिकनिक तक पहुँच सकें। और साथ में गूँजता है उनका प्यारा नारा: “सही-सही कदम, रोबो!”

रोबो वही करता था जो उसे ठीक-ठीक कहा जाता था। “जाओ, दोपहर का खाना ढूँढो” नहीं, बस “एक कदम आगे, दाएँ मुड़ो।” वीर हाथ में लकड़ी का क्लिपबोर्ड लिए मुस्कुराया। “सही-सही कदम, रोबो! चलो, एकदम बढ़िया रास्ता बनाते हैं!”
“पहले हम योजना बनाएँगे!” वीर ने कहा। वह घास पर घुटनों के बल बैठा था। उसने घास जैसी हरी ज़िप वाली जैकेट, पीली धारियों वाली टी-शर्ट, डेनिम की ओवरऑल शॉर्ट्स और सफ़ेद स्नीकर्स पहने थे। उसने क्लिपबोर्ड से तीर वाले कार्ड निकालकर बिछाए: आगे, आगे, बाएँ मुड़ो। “सही-सही कदम, रोबो!”
“दो कदम आगे, बाएँ मुड़ो!” वीर ने साफ़ और ऊँची आवाज़ में कहा। रोबो का नीला गोला खुशी से झिलमिलाया और उसके छोटे गोल हाथ हिलने लगे। “दो कदम आ-गे, बाएँ मुड़ो!” उसने दोहराया और पत्थर वाले रास्ते पर आराम से लुढ़कने लगा।


