ईशान का बड़ा जन्मदिन-नक्शा
आयु 2–8
पाँचवें जन्मदिन की कहानी। जिस सुबह ईशान पाँच साल का होता है, एक खज़ाने का नक्शा, जिसमें पाँच पड़ाव हैं, उसे और उसके पिल्ले बिस्कुट को पूरे शहदपुर में घुमाता है, ताकि वे पाँच दोस्तों से पाँच मोमबत्तियाँ और पाँच शुभकामनाएँ इकट्ठा करें। ईशान सब कुछ अकेले करना चाहता है, पर बिस्कुट चुपचाप हर बार उसकी मदद

जिस सुबह ईशान पाँच साल का हुआ, सूरज रोज़ से बहुत पहले निकल आया, बस देखने के लिए। ईशान घर की सीढ़ी पर खूब तनकर खड़ा हो गया। “पाँच साल बड़े होते हैं,” उसने से कहा। ने दुम हिलाई। फिर ने सूँघा। दरवाज़े की चटाई पर कुछ रखा था, कसकर लपेटा हुआ और लाल फ़ीते से बँधा हुआ।
एक नक्शा! बिंदियों वाला रास्ता टेढ़ा-मेढ़ा चलता हुआ एक मुर्गी, एक पेड़, एक पुल, एक सूरजमुखी और एक सीपी के पास से होकर सोने के तारे तक जाता था। “पाँच साल के पाँच पड़ाव! मैं सब अकेले कर लूँगा!” ने दुम पटकी। उसका मतलब था, “हम दोनों मिलकर!” खिड़की से किसी की आवाज़ आई, “सफ़ेद कंकड़ों पर ही चलना!” “जी, चलूँगा!”
पहला पड़ाव: मुर्गीखाना। “देर से! नहीं, जल्दी!” कुड़कुड़ाई चंपा। “एक मोमबत्ती। बस एक मोमबत्ती!” वह फाटक के खंभे पर रखी थी। ईशान ने हाथ बढ़ाया। “मैं खुद ले लूँगा!” उचका... धप्प! ने नीचे से धक्का दिया, और टप! मोमबत्ती उसके हाथों में आ गई। “मैं चाहती हूँ कि तुम्हारा दिन ताज़े अंडे जैसा गुनगुना रहे। अगला पड़ाव: झूले वाला पेड़!” थैले में एक मोमबत्ती आ गई!


