रोहन की वसंत की बड़ी अंडा-खोज

आयु 2–6

वसंत की पहली गुनगुनी सुबह में रोहन बगीचे में रंगीन अंडों के रास्ते पर चल पड़ता है। हर अंडे में मौसम के बारे में एक नन्हा-सा सुराग छिपा है, और आख़िरी सुराग उससे कहता है कि वह सबसे बड़ी खोज सबके साथ बाँटे।

"रोहन की वसंत की बड़ी अंडा-खोज" का कवर

वसंत ने गुनगुनी, धूप भरी अंगड़ाई ली और पूरा बगीचा जाग गया। रोहन छोटी-सी बुनी हुई टोकरी लेकर दबे पाँव बाहर आया, उसकी आँखें हैरानी से फैली हुई थीं। फूलों के बीच कहीं रंग-बिरंगे अंडे छिपे थे। अंडा-खोज अब शुरू होने वाली थी!

झाँको-ढूँढो, रंगीन अंडा, आज रोहन को क्या मिलेगा? डगमग ठेले के पीछे एक नीला अंडा चमक रहा था। उसके अंदर एक नन्हा भूरा बीज गोल होकर लेटा था, फुसफुसाहट जितना छोटा।

“अरे, बीज!” रोहन ने कहा और उसे प्यार से संभालकर रख लिया। झाँको-ढूँढो, रंगीन अंडा, आज रोहन को क्या मिलेगा? तभी पिप्पू के कान जालीदार बाड़ की ओर खड़े हो गए, जिस पर नई हरी बेलें उलझी हुई थीं।

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