पीहू का ग्रेजुएशन का बड़ा दिन
आयु 4–6
किंडरगार्टन के आख़िरी दिन पीहू पूरे साल की पहली-पहली बातें याद करती है, स्टेज पर जाने की घबराहट से थोड़ी डगमगाती है, और काग़ज़ की टोपी पहनकर शान से स्टेज पार करके सचमुच की किंडरगार्टन ग्रेजुएट बन जाती है।

स्कूल का आख़िरी दिन! पीहू उछलकर बिस्तर से उतरी, दिल ढोल की तरह धक-धक कर रहा था। आज वो दिन था। बड़ा वाला दिन! टोपी का दिन! स्टेज का दिन! बड़े होने का दिन!
वह आर्ट वॉल के पास रुक गई, जो ऊपर से नीचे तक पेंटिंग्स से भरी थी। वो रही उसकी सबसे पहली पेंटिंग। एक टेढ़ा-मेढ़ा बैंगनी सूरज, जिसमें ढेर सारी किरणें थीं। उसे याद आया कि तब उसे कितना गर्व हुआ था।
गुड़ुप, गुड़ुप! पिंकू मछली हमेशा की तरह गोल-गोल तैर रही थी। “तुमने मुझे अक्षर सीखते देखा, पिंकू,” पीहू ने कहा। “तुमने मुझे बाँटना सीखते देखा।”


