आरव का बरसाती बादल
आयु 3–5
जब आरव चिड़चिड़ाहट के साथ उठता है और उसके सिर पर सचमुच का एक नन्हा बरसाती बादल अटका होता है, तो वह उस उदास भाव से लड़ना छोड़कर उसे अपने पास बैठने बुलाना सीखता है — और देखता है कि वह नरम पड़कर इंद्रधनुष बन जाता है।

आरव उठा तो मुँह फुलाए था, माथे पर बल पड़े थे। और उसके उलझे बालों के ऊपर — एक नन्हा बादल लटक रहा था! छोटा-सा, भूरा-सा, बड़बड़ाता, धीरे-धीरे सुड़कता। "अरे नन्हे बादल, तू कहाँ से आया?" उसने पूछा।
"भाग जा यहाँ से!" वह झुंझलाकर बोला और हाथ से उसे झटका। पर बादल बस हिलता-डुलता रहा — उसे तो वहीं रहना था! फिर टप से एक नन्ही बूँद आरव की नाक पर गिरी। "कितना शरारती बादल है!" आरव बोला और पैर की उँगलियाँ हिलाने लगा।
आरव पैर पटकता हुआ बरामदे में चला, रसोई के कोने से आगे निकल गया, पर बादल भी साथ-साथ चला — पीछा छूटता ही नहीं था! वह उसके कंधे पर छोटी-सी भूरी टोपी की तरह बैठ गया। "ठीक है," आरव ने साँस छोड़ी। "लगता है अब यही होना है।"


