अर्जुन के मखमली पंजे
आयु 3–5
जब अर्जुन की जंगली और प्यारी मस्ती से घर की बिल्ली डरकर सोफ़े के नीचे जा छिपती है, तो पापा थियो उसे मखमली पंजों का राज़ सिखाते हैं: नरम हाथ, धीमी चाल और फुसफुसाती आवाज़, जो एक डरपोक बिल्ली को सबसे अच्छी दोस्त बना देती है।

अर्जुन को दौड़ना, कूदना, लुढ़कना और ज़ोर से दहाड़ना बहुत पसंद था! वह गलियारे में धम-धम करता चलता, हवाई जहाज़ की तरह बाँहें फैलाए। बिल्ली खिड़की की चौखट पर बैठी देख रही थी, उसकी पूँछ हिल रही थी।
“आओ , खेलते हैं!” अर्जुन चिल्लाया और गरजते हुए भालू के बच्चे की तरह झपट पड़ा। के कान सपाट हो गए। सर्र! सोफ़े के नीचे भाग गई, बस एक धूसर झलक और पूँछ की लहर।
अर्जुन ने सोफ़े के नीचे झाँका। दो हरी आँखें उसे देख रही थीं, छोटी-छोटी और डरी हुई। “अरे नहीं,” वह फुसफुसाया।


