ईशान और सुनहरे नियम वाला चोगा
आयु 3–5
जब ईशान को अलमारी में छिपा एक अदृश्य चोगा मिलता है, तो वह सीखता है कि चोगा तभी सुनहरा चमकता है जब वह दोस्तों के साथ वैसा ही बर्ताव करता है जैसा वह चाहता है कि लोग उसके साथ करें।

ईशान दबे पाँव अलमारी के अंदर गया, जहाँ पुराने जूते और पतंगें रखी थीं। “अरे, ये क्या है?” वह हैरान होकर बोला। ठीक उसके कंधों की जगह कुछ चमक रहा था, सुनहरी रोशनी का एक पतला-सा धागा!
“चोगा? मेरे लिए?” ईशान हँस पड़ा और कमरे में गोल-गोल घूमने लगा। पर जब उसने शीशे में देखा, तो सुनहरी चमक गायब हो चुकी थी। कुछ भी नहीं दिखा।
चोगे ने हल्की-सी गुनगुन की और एक आख़िरी सुनहरी चिंगारी छोड़ी। वह जुगनू की तरह दरवाज़े की ओर तैरने लगी। “तुम्हारे पीछे आऊँ?” ईशान मुस्कुराया। “ठीक है, चलो चमकते हैं!”


