अर्जुन और सच्ची बात
आयु 3–5
जब उछलती गेंद से मम्मी का प्यारा फूलदान टूट जाता है, तो अर्जुन को चुनना है — आसान इल्ज़ाम या छोटा-सा बहादुर सच।

अर्जुन अपना धारीदार स्वेटर और नीली डंगरी पहने रहता था, और अपनी छोटी नारंगी गेंद उछालना उसे बहुत पसंद था — धप-धप-धप! पूरे प्यारे मिट्टी के घर में वह गेंद उछालता फिरता। उसके पीछे-पीछे दौड़ता, और हर कूद पर उसके लंबे कान फड़फड़ाते।
धप-धप-धड़ाम! गेंद बहुत ऊँची उछली और अलमारी से जा टकराई। नीला-सफ़ेद फूलदान नीचे गिरा और लकड़ी के फ़र्श पर चटक गया। सच छोटा होता है। सच बहादुर होता है। सच सबसे अच्छा होता है — अर्जुन यह जल्दी ही सीखने वाला था।
अर्जुन ने टूटे हुए टुकड़ों को देखा, फिर की बड़ी-बड़ी भरोसे वाली आँखों को। एक चालाक-सा ख़याल आया कि कुत्ते पर इल्ज़ाम लगा दे, पर उसका पेट डगमगाने लगा, और उसने उस चालाक ख़याल को दूर भगा दिया।


