दिया और नन्ही चिड़िया की शांत टहनी

आयु 3–5

दिया एक खिलौने से दूसरे खिलौने तक भागती-दौड़ती रहती है, जब तक कि उसकी टाँगें थककर काँपने नहीं लगतीं। फिर बग़ीचे की एक टहनी पर बैठी नन्ही गौरैया उसे चुपचाप बैठने का प्यारा जादू सिखाती है।

"दिया और नन्ही चिड़िया की शांत टहनी" का कवर

दिया को दौड़ना, कूदना और गोल-गोल घूमना बहुत पसंद था! उसे सन-सन हवा और खिलखिलाती ख़ुशी बहुत भाती थी! वह दिन भर एक खिलौने से दूसरे खिलौने तक भागती रहती थी — गेंद, छल्ला, पतंग, झूला — कभी रुकती नहीं थी, बस हर नए मज़े के पीछे दौड़ती रहती थी।

तेज़, और तेज़, गोल-गोल, गोल-गोल! वह खिलौनों की पेटी से झूले तक और झूले से ज़मीन तक उछलती रही। ज़िप-ज़िप-ज़िप — उसके पैर रुकते ही नहीं थे, फिर उसकी टाँगें डगमगाने लगीं और उसकी ताक़त ख़त्म होने लगी।

फिर — डगमग, डगमग! उसके घुटने काँपने लगे, उसकी बाँहें ढीली पड़ गईं। वह तालाब के किनारे रुक गई, इतनी थकी कि न दौड़ पा रही थी, न उछल पा रही थी।

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