मायरा और चमचमाते क्रेयॉन
आयु 3–5
जब मायरा चमकीले क्रेयॉन का बिल्कुल नया डिब्बा खोलती है, तो उसे पता चलता है कि अपने एक साथी के साथ उन्हें बाँटने से चमक दुगनी हो जाती है।

मायरा फुदकती हुई आर्ट रूम में आई। उसका बस्ता उछल रहा था। उसने मेज़ पर एक बिल्कुल नया डिब्बा रखा। उसके अंदर ऐसे क्रेयॉन थे जो छोटे-छोटे इंद्रधनुषों की तरह झिलमिला रहे थे। सुनहरे, हरे-नीले और चमकीले गुलाबी। उन्हें अभी तक किसी ने नहीं चलाया था।
उसने डिब्बे का ढक्कन खोला। वाह! क्रेयॉन ऐसे चमके जैसे डिब्बे में तारे बंद हों। अपना चमचमाता ख़ज़ाना देखकर मायरा की मुस्कान रुक ही नहीं रही थी।
मेज़ के उस पार मिलो भूरे क्रेयॉन के छोटे-से टुकड़े से एक अकेला सूरज बना रहा था। क्रेयॉन घिसकर बस ज़रा-सा बचा था। वह खुरचता, अटकता और मुश्किल से कोई निशान बनाता था।


