सिया और इंतज़ार का मज़ेदार जादू
आयु 3–5
जन्मदिन की पार्टी में केक का इंतज़ार सिया को बहुत लंबा लगता है, जब तक वह यह नहीं सोचती कि वह एक इल्ली है जो प्यूपा के अंदर गोल-मोल होकर लेटी है, और बेचैन मिनट पंख उगाने वाले एक शांत जादू में बदल जाते हैं।

केक ऊँचा खड़ा था, सुनहरी लहरों वाला, और उसकी मोमबत्तियाँ जलने का इंतज़ार कर रही थीं। सिया कभी इस पैर पर, कभी उस पैर पर उछल रही थी। “क्या अब टाइम हो गया? क्या अब हो गया?” वह उछलती रही, उछलती रही, पर वक़्त तो जैसे रुक ही गया था।
“बस थोड़ी देर,” किसी की आवाज़ आई, जो मेज़पोश पर हाथ फेर रही थी। पर “थोड़ी देर” तो बहुत, बहुत, बहुत लंबी लग रही थी। सिया के पेट में गुदगुदी और फुदकन हो रही थी, जैसे इंतज़ार की बड़ी-बड़ी भावनाएँ मचल रही हों।
ने तितली वाली झाड़ी के पीछे से झाँका। “श्श्श! आओ, देखो!” एक सचमुच की तितली पास से उड़ी, धीरे-धीरे, आराम से, जैसे उसके पास उड़ने के लिए पूरा दिन हो।


