अनन्या और रोता हुआ बादल

आयु 3–5

गिरने से घुटने पर खरोंच आ जाती है, और दर्द चले जाने के बाद भी अनन्या रोती रहती है। फिर पफ़ी नाम का एक झुका-झुका नन्हा बादल और एक धैर्यवान, बिना जल्दी वाली गोद उसे सिखाते हैं कि आँसुओं को बस गिरने का समय चाहिए।

"अनन्या और रोता हुआ बादल" का कवर

अनन्या घास जैसे हरे ओवरऑल और पीले रेन-बूट पहने दौड़ रही थी, उछल रही थी, कूद रही थी। इतनी तेज़, कि हँसते-हँसते आसमान को देख रही थी। तभी एक पत्थर बोला, “इतनी तेज़ नहीं!” और वह धड़ाम से गिर पड़ी।

गुनगुने पत्थर वाले रास्ते पर वह गिर गई! उसकी ठोड़ी काँपने लगी। पानी की झारी लुढ़क गई। उई माँ! और फिर आँसू बहने लगे।

खरोंच पर चमकते तारे वाली पट्टी लग गई। घुटने का दर्द उड़न-छू हो गया। लेकिन आँसू? वो तो रुके ही नहीं, रुके ही नहीं, रुके ही नहीं।

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