आदित्य और पाइन क्रीक का डायनासोर-दोस्त
आयु 3–5
अपने आँगन के किनारे हरी-भरी झाड़ियों में घूमते हुए आदित्य को एक खोया हुआ छोटा ट्राइसेराटॉप्स मिलता है। धीरे-से हाथों, मीठी आवाज़ और पत्तों के उपहार से वह उस सूँ-सूँ करते नन्हे डायनासोर को सुरक्षित उसके घर तक पहुँचाता है।

आदित्य को आँगन की सुबहें बहुत पसंद थीं, जब घास पर ओस अभी चमक रही होती थी। भूरे चमड़े का झोला उसकी कमर से टकरा रहा था। उसने लकड़ी का फाटक खोला, यह देखने के लिए कि आज उसे क्या-क्या मिलता है।
सर-सर, सर-सर! फ़र्न की घनी पत्तियों के भीतर कुछ हिला। आदित्य के जूते वहीं रुक गए और वह ध्यान से सुनने लगा। “वहाँ कौन है?” उसने फुसफुसाकर पूछा और बड़ी-बड़ी जिज्ञासु आँखों से आगे झुककर देखा।
वहाँ पत्तों में उलझा एक छोटा-सा डायनासोर खड़ा था। उसकी गर्दन पर झालर थी और माथे पर एक छोटा-सा सींग। “उसका नाम नब्बू होगा,” आदित्य ने फुसफुसाकर कहा। नब्बू ने अपनी बड़ी-बड़ी सुनहरी आँखें झपकाईं और भागा नहीं।


