ईशान और नींदू ड्रैगन
आयु 3–5
जब एक गुस्सैल ड्रैगन की दहाड़ से पहाड़ी गाँव काँप उठता है, तो ईशान तलवार नहीं, बल्कि तकिया और गरम दूध लेकर ऊपर चढ़ता है, और जान जाता है कि सबसे डरावनी दहाड़ का मतलब बस इतना है कि ड्रैगन को एक दोस्त चाहिए।

हर रात पहाड़ से ऐसी ज़ोर की दहाड़ गूँजती कि चाय के प्याले खनखनाने लगते और खिड़कियों के पल्ले धड़ाम-धड़ाम बजने लगते। “फिर वही गुस्सैल ड्रैगन,” गाँव वाले आह भरकर बोले। ईशान ने सिर एक तरफ़ झुकाया। वह बोला, “शायद दहाड़ बस बहुत थकी हुई आवाज़ होती है।”
“मैं अपनी तलवार और ढाल लेकर जाऊँगा!” उसने अपने टट्टू डगमग से कहा। फिर वह रुक गया और होंठ चबाने लगा। “नहीं... मुझे लगता है उस ड्रैगन को कुछ नरम चीज़ चाहिए।” उसने तलवार की जगह रोएँदार धारीदार तकिया बगल में दबा लिया।
छोटे-से टिन के मग में गरम दूध भाप छोड़ रहा था, जिसे वह बड़े ध्यान से लेकर चला। “संभलकर, संभलकर,” वह खुद से फुसफुसाया, “एक बूँद भी नहीं गिरनी चाहिए!” डगमग उसके पास-पास टप-टप चलता रहा, और दूर की हर गड़गड़ाहट पर उसके कान फड़क उठते।


