अनन्या का तारों वाला नाच फुसफुसाते जंगल में
आयु 3–5
अनन्या पतझड़ के जंगल में नाचने का अभ्यास करने जाती है। वह सपना देखती है कि किसी दिन किसी के लिए नाचेगी, और एक-एक हिम्मत भरे कदम के साथ हिरणों और खरगोशों की पूरी जंगली महफ़िल उसके पहले बड़े नाच में शामिल हो जाती है।

फुसफुसाते जंगल में, जहाँ पीले-भूरे पत्ते झरते हैं, अनन्या दबे पाँव एक छोटे-से खुले मैदान में आई। वह सपना देखती थी कि किसी दिन किसी के लिए नाचेगी। उसने अपने सुनहरे बलूत को थपथपाया, एक, दो, और चल पड़ी!
उसने एक पैर की उँगलियों पर खड़े होकर पैर उठाया और हल्की-सी ऊपर उठ गई। वह चाँद की तरह धीरे-धीरे घूमने लगी। पत्ते भी उसके साथ घूम रहे थे, गोल-गोल, गोल-गोल। सारी दुनिया गा उठी, “घूमो, नन्ही नर्तकी, घूमो!”
तभी उसकी नाचने वाली जूती के नीचे एक टहनी चटाक से टूट गई! अनन्या डगमगाई और रुक गई। उसे लगा जैसे वह बहुत छोटी हो गई है। वह भागकर सीधे घर जाने ही वाली थी, पर उसने मुड़कर देखा, और उसे अचानक बहुत अकेलापन लगा।


