सान्वी की शाही सब्ज़ी दावत

आयु 3–5

जब रात का खाना शाही रसोई की खोज बन जाता है, तो सान्वी को वे जादुई शब्द मिल जाते हैं जो गाजर को राजदंड और मटर को मीठे मोती बना देते हैं।

"सान्वी की शाही सब्ज़ी दावत" का कवर

सान्वी ने सब्ज़ियों की थाली देखकर मुँह बना लिया। “नहीं, मुझे नहीं खाना!” ने चम्मच बजाया और मुस्कुराईं। “कटोरी को सलाम, नन्ही रानी, हर दावत में छिपा ख़ज़ाना, सुन मेरी रानी!”

ने सान्वी के सिर पर सुनहरा ताज रख दिया। “कटोरी को सलाम, नन्ही रानी!” उन्होंने फिर गाया। बैंगनी सूती कुर्ते में, जिसकी गोटेदार सुनहरी कॉलर थी, हरे लेगिंग्स और भूरे जूतों में सान्वी तनकर बैठ गई। सफ़र शुरू हो गया था!

ने ठंडे पानी का एक कटोरा रखा। “ऐसा क्या है जिसकी है छाल, पर कभी न होता घाव का हाल? मिट्टी में सोए, पर तारों-सा चमके, बोलो तो क्या है ये, नन्ही रानी?” उन्होंने आँख मारकर पूछा। बैंगनी कुर्ते और हरे लेगिंग्स में सान्वी ने अपनी आस्तीनें ऊपर चढ़ा लीं। जवाब ढूँढने को वह तैयार थी।

"सान्वी की शाही सब्ज़ी दावत" का पृष्ठ 1"सान्वी की शाही सब्ज़ी दावत" का पृष्ठ 2"सान्वी की शाही सब्ज़ी दावत" का पृष्ठ 3

अपने बच्चे के नाम और फ़ोटो से बनाएँ · कहानी पुस्तकालय देखें