ईशान और हवा में तैरता बुलबुलों का किला

आयु 3–5

लकड़ी की छड़ी और चमकती दवा के मर्तबान से ईशान ऐसे विशाल बुलबुले बनाता है जो कभी नहीं फूटते और बढ़कर एक तैरता हुआ किला बन जाते हैं, जिसके अंदर वह सचमुच चलकर जा सकता है।

"ईशान और हवा में तैरता बुलबुलों का किला" का कवर

बगीचे में ईशान को एक चमकता हुआ जार मिला और एक छड़ी, जिसका हैंडल घुमावदार था। “चलो, बड़े-बड़े बुलबुले बनाते हैं!” उसने मुस्कुराकर कहा। तभी बुलबुला-परी पिप उछलती हुई उसके पास आ गई। वह खिलखिला रही थी, जादू देखने को तैयार।

छड़ी को डुबाओ, गोल-गोल घुमाओ, और आसमान की तरफ़ फूँक मारो। एक बुलबुला ऊपर उड़ता है, बड़ी-सी गेंद जितना बड़ा, डगमग-डगमग और चमचमाता। “वाह! कितनी चमक है!” ईशान कहता है। क्या तुम भी बोलोगे?

पिप गिनती करती है, “एक... दो... तीन बुलबुले!” और अपने नन्हे पंख ताली की तरह बजाती है। ईशान छड़ी को फिर डुबोता है और फूँकता है। तीन, चार, पाँच गोल बुलबुले एक-दूसरे से टकराते हैं, डगमगाते हैं, पर कभी नहीं फूटते।

"ईशान और हवा में तैरता बुलबुलों का किला" का पृष्ठ 1"ईशान और हवा में तैरता बुलबुलों का किला" का पृष्ठ 2"ईशान और हवा में तैरता बुलबुलों का किला" का पृष्ठ 3

अपने बच्चे के नाम और फ़ोटो से बनाएँ · कहानी पुस्तकालय देखें