आरव और अटारी वाली दरी की उड़ान
आयु 3–5
जब अटारी में गुनगुनाती हुई पुरानी पैबंद वाली दरी जाग उठती है, तो आरव उस पर सवार होकर सोते हुए मोहल्ले की एक नरम, तैरती हुई सपनों की सैर पर निकलता है, और फिर सुरक्षित अपने बिस्तर में लौट आता है।

ऊपर अटारी में, जहाँ चुपचाप चीज़ें सोती हैं, एक पुरानी ऊनी दरी धीरे से जाग उठी। हम्म्म्म्म, वह गुनगुनाई, धीमे-धीमे, गहरे-गहरे — बहुत पुरानी एक लोरी की धुन।
“नमस्ते, बटन,” आरव ने जम्हाई लेकर कहा, और रंग-बिरंगी पैबंद वाली दरी को हिरन के बच्चे की तरह सहलाया। हम्म्म्म्म, दरी गुनगुनाई, एकदम नरम सुर में — सबसे मीठी आवाज़, जो उसने कभी सुनी थी।
वह खुशी से उछलकर दरी पर चढ़ गया। बटन ज़रा-सा ऊपर उठी, बस एक इंच, फिर ज़रा-सा और! हम्म्म्म्म, वह गुनगुनाई और आज़ाद होकर हवा में तैरने लगी — आरव के घुटनों से तीन फुट ऊपर।


