विवान और हँसी की जादुई छड़ी

आयु 3–5

जब रात को अलमारी की डरावनी परछाइयाँ और बादलों की गुस्सैल गड़गड़ाहट विवान को डराने की कोशिश करती हैं, तब उसकी मुड़ने वाली हँसी की छड़ी और रात की बत्ती वाली हँसमुख नन्ही परी चिंकी उसे सिखाती हैं कि डरावनी चीज़ें असल में भेस बदले हुए मज़ेदार चीज़ें होती हैं।

"विवान और हँसी की जादुई छड़ी" का कवर

आधी रात को विवान बिस्तर पर उठ बैठा। अलमारी में कुछ चरमराया — चर्र, चर्र, चर्रर्र! दीवार पर परछाइयाँ लंबी-लंबी होकर डरावनी दिखने लगीं। उसने अपना कंबल कसकर पकड़ लिया। “ये तो बहुत डरावना लग रहा है,” वह काँपती आवाज़ में फुसफुसाया।

तभी — पॉप! — एक गरम-सी रोशनी तैरती हुई पास आई। ये तो पिंटू था, रात की बत्ती वाला नन्हा जादुई साथी! “घबराओ मत,” पिंटू खिलखिलाया, और उसे चिंगारी वाली एक छोटी-सी हिचकी आ गई। “एक चुटकुला और थोड़ा-सा हिलना-डुलना डर को भगा देता है! अपनी हँसी की छड़ी उठाओ, विवान!”

विवान ने कंबल से झाँककर देखा और धीरे से लचीली हँसी की छड़ी उठा ली। उसके हाथ अब भी थोड़े काँप रहे थे। “अ-अच्छा,” वह बोला। “कोशिश करते हैं। टप, लहरा, हँसी-बू!”

"विवान और हँसी की जादुई छड़ी" का पृष्ठ 1"विवान और हँसी की जादुई छड़ी" का पृष्ठ 2"विवान और हँसी की जादुई छड़ी" का पृष्ठ 3

अपने बच्चे के नाम और फ़ोटो से बनाएँ · कहानी पुस्तकालय देखें