अर्जुन और जुगनुओं वाली लालटेन

आयु 3–5

जब अँधेरा होने पर जंगल के नन्हे बच्चे घर का रास्ता भूल जाते हैं, तो अर्जुन जादुई जुगनू वाली लालटेन जलाता है और अपने बहादुर उल्लू दोस्त पिप्पू के साथ हर खोए हुए जानवर को सुरक्षित उसके घर पहुँचाता है।

"अर्जुन और जुगनुओं वाली लालटेन" का कवर

गहरे जंगल में जब आसमान नीला हो गया, तो एक नन्ही आवाज़ गूँजी, “हू? हू? हू?” वो पिप्पू उल्लू था, पंख फड़फड़ाता हुआ। “जंगल के बच्चे खो गए हैं! अरे, ये क्या हो गया!”

अर्जुन ने अपनी आरामदायक, शानदार लालटेन ऊपर उठाई। उसके हाथ में जुगनू गरम-गरम चमक रहे थे। “घबराओ मत, पिप्पू,” वह मुस्कुराकर बोला, “इस पुराने जंगल में रोशनी हमारे साथ है, चलो शुरू करें!”

सबसे पहले आया एक खरगोश, जिसके कान लटके हुए थे। "मुझे अपना बिल नहीं मिल रहा, मैं किधर जाऊँ?" अर्जुन ने चमचमाती लालटेन ऊपर की। "जुगनुओं के पीछे-पीछे चलो, नन्हे दोस्त, मैं तुम्हारी मदद करूँगा!"

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