ईरा और उड़ने वाली स्ट्रॉबेरी का बाग़

आयु 3–5

जब एक जादुई बाग़ में पकी स्ट्रॉबेरियों के नन्हे पंख उग आते हैं और वे उड़ने लगती हैं, तब ईरा को पीछे भागने की जगह धीमी धुन गुनगुनाना सीखना पड़ता है, ताकि वह हर उड़ती स्ट्रॉबेरी को प्यार से अपनी टोकरी तक बुला ले।

"ईरा और उड़ने वाली स्ट्रॉबेरी का बाग़" का कवर

ईरा घास जैसे हरे ओवरऑल और चौड़ी सुनहरी टोपी पहने, दबे पाँव स्ट्रॉबेरी की क्यारी के पास से निकल रही थी। तभी—फड़-फड़, फड़-फड़!—सबसे पकी स्ट्रॉबेरी पर नन्हे-नन्हे पंख खुल गए, ठीक उसकी नाक के पास से!

हर तरफ़ पंख खुलने लगे—एक, दो, तीन! देखते-देखते स्ट्रॉबेरियों का पूरा झुंड ईरा की टोपी के चारों ओर गोल-गोल घूमने लगा। क्या वे रुकेंगी, या हमेशा के लिए उड़ जाएँगी?

पिप बाग़ की नन्ही परी एक पत्ते पर आ बैठी। “ये तभी उड़ती हैं जब ख़ुश होती हैं,” पिप चहकी, “और ख़ुश स्ट्रॉबेरियों को घर बुलाने के लिए धीमा-सा गाना चाहिए!” पर कौन-सा गाना?

"ईरा और उड़ने वाली स्ट्रॉबेरी का बाग़" का पृष्ठ 1"ईरा और उड़ने वाली स्ट्रॉबेरी का बाग़" का पृष्ठ 2"ईरा और उड़ने वाली स्ट्रॉबेरी का बाग़" का पृष्ठ 3

अपने बच्चे के नाम और फ़ोटो से बनाएँ · कहानी पुस्तकालय देखें