मायरा और चीनी-बेर महल की दावत
आयु 3–5
मायरा मार्शमैलो के पहाड़ पर चढ़कर चीनी-बेर के महल तक पहुँचती है, और जब पुडिंग बाँटने के लिए कम लगता है, तो उसे पता चलता है कि बाँटी हुई मिठाई अकेले रखी मिठाई से कहीं ज़्यादा मीठी लगती है।

मायरा मार्शमैलो पहाड़ पर उछलती-कूदती चढ़ने लगी। उसके जूते नरम, मीठे मार्शमैलो में धँस रहे थे। “ऊपर, ऊपर, ऊपर!” वह खुशी से चिल्लाई और अपनी टॉफ़ी-छड़ी घुमाने लगी। कहीं ऊपर चीनी-बेर का एक महल चमक रहा था, इंतज़ार करता हुआ।
“वाह, कितना गुदगुदा है!” मायरा खिलखिलाई और मार्शमैलो की एक चट्टान पर उछलने लगी। रास्ता खड़ा और लचकीला होता गया। उछलने में खूब मज़ा, पर चढ़ने में मुश्किल! ऊपर चढ़ने में उसकी मदद कौन करेगा?
तभी खरगोश बबलू उछलकर सामने आ गया। उसकी टॉफ़ी जैसी पूँछ हिल रही थी। “मेरी पीठ का सहारा ले लो!” वह चीं-चीं करके बोला। “क्या मिलकर बाँटने से मिठास बढ़ती है?” दोनों साथ-साथ चढ़ने लगे, एक-एक डगमग, हँसते हुए कदम।


