ईरा और जंगली फूलों वाले मैदान की नाचती चप्पलें
आयु 3–5
जब ईरा को जादुई चप्पलों की एक जोड़ी मिलती है, तो उसके नाचते पैर खिलते फूलों और पंख जैसी हल्की छलाँगों से पूरे सूने मैदान को जगा देते हैं।

ईरा ने देखा, पहाड़ी सूनी और भूरी थी, उस पर रंगों की कमी बड़ी थी। घास में एक छोटा-सा डिब्बा पड़ा था, उस पर लिखा था — “जादुई चप्पलें!”
उसने चप्पलें पहनीं — बिल्कुल ठीक नाप की! फिर पैर की उँगलियों से कमर तक गुदगुदी-सी दौड़ गई। “ये चप्पलें नाच भी सकती हैं, कूद भी सकती हैं, और बदल भी सकती हैं!” पिप चहका, “अरे वाह, कितनी अनोखी बात है!”
उसने पैर का अँगूठा ज़मीन पर थपथपाया — और एक गोल-मटोल नीला घंटी-फूल खिल उठा! “थप, थप, घूम! देखो, फूल खिलते हैं!” फूलों के खिलते ही सारी उदासी भाग गई।


