सान्वी और बाग़ की पंखों वाली घोड़ी हिमा
आयु 3–5
पहाड़ के बाग़ में पिकनिक पर सान्वी की मुलाक़ात एक शर्मीली सफ़ेद पंखों वाली घोड़ी और एक लुढ़कते ग्रिफ़िन बच्चे से होती है, और धीरे चलकर, सेब बाँटकर और धीरज से नन्हे पंख फड़फड़ाना सिखाकर वह दो नए आसमानी दोस्त बना लेती है और पेड़ों की चोटियों के ऊपर उड़ान भरती है।

ऊँचे पहाड़ों पर, जहाँ सेब के पेड़ उगते हैं, सान्वी के घर वालों ने पेड़ों के नीचे दरी बिछाई। पुराने बाग़ की दीवार के पीछे से कहीं दूर एक धीमी, नन्ही पुकार गूँजी।
पेड़ों के बीच, घरवालों से ज़्यादा दूर नहीं, सान्वी को टीले पर सफ़ेद-सी एक झलक दिखी। पूँछ की एक लहर, एक चमक, एक झिलमिलाहट — क्या वह टट्टू था? या कोई सपना था?
वहाँ खड़ी थी हिमा, चाँदी-सी सफ़ेद, पंख सिमटे हुए, उड़ने को तैयार। सान्वी धूप से भरे खुले मैदान के किनारे रुक गई — एक क़दम भी तेज़ पड़ा, तो यह पल खो जाएगा।


