अनन्या और पुराने संगीत-डिब्बे की गुप्त पहेली
आयु 6–8
जब अनन्या दादाजी की अटारी में एक रहस्यमयी पुराने म्यूज़िक बॉक्स की चाबी भरती है, तो उसे पता चलता है कि उसकी अजीब-सी नन्ही धुन में एक गुप्त शब्द छिपा है। उस शब्द के पीछे चलते-चलते वह एक भूली-बिसरी दराज़ में छिपे ख़ज़ाने के नक़्शे तक पहुँच जाती है।

“सँभलकर, यह डिब्बा तो मुझसे भी पुराना है,” दादाजी थियो ने कहा। उन्होंने संदूक से धूल भरा मखमली डिब्बा बाहर निकाला। उसके अंदर लकड़ी का एक नन्हा-सा म्यूज़िक बॉक्स रखा था, जिसमें पीतल की चाबी लगी थी। अनन्या आँखें चमकाती हुई पास झुक गई। उसे पुराने काग़ज़ों की हल्की मीठी महक आ रही थी। “दादाजी, मैं इसमें चाबी भर लूँ? प्लीज़!”
अनन्या ने पीतल की चाबी धीरे-धीरे घुमाई। खट, खट, खट! एक नन्ही-सी धुन बज उठी, पतली और चरमराती हुई। वह उसकी जानी-पहचानी किसी भी धुन जैसी नहीं थी। पास रखे संदूक के ऊपर बैठी बिल्ली ने दोनों कान खड़े कर लिए और उसकी मूँछें फड़कने लगीं। “कितना अजीब है,” अनन्या ने फुसफुसाकर कहा। “यह तो उलटी बज रही है।” एक-एक सुर पकड़कर वह रास्ता ढूँढ़ ही लेगी।
अनन्या ने अपनी कॉपी और पेंसिल उठा ली। “अगर मैं हर सुर लिखती जाऊँ, तो शायद पता चल जाए कि यह धुन इतनी अजीब क्यों है।” उछलकर मेज़ पर आ बैठी। उसकी पूँछ जोश में हिल रही थी, जैसे वह भी मान रही हो कि इसे ग़ौर से देखना चाहिए। पुरानी लकड़ी उनके नीचे हल्के से चरमरा उठी।


