सिया और नीले फ़ीते वाले टट्टू का राज़

आयु 6–8

जब शो वाला टट्टू ब्रैम्बल रहस्यमय ढंग से हर कूद से इनकार कर देता है, तो सिया को किसी भी बड़े से ज़्यादा ध्यान से देखना पड़ता है, ताकि वह उसकी परेशानी की छोटी-सी छिपी वजह ढूँढ सके।

"सिया और नीले फ़ीते वाले टट्टू का राज़" का कवर

विलो ब्रुक अस्तबल में सब शो वाले टट्टू ब्रैम्बल को बहुत प्यार करते थे। पर आज कुछ गड़बड़ थी। तीन बार वह लाल-सफ़ेद अड़चन की ओर दुलकी चाल में गया, और तीनों बार सिर झटककर अचानक रुक गया। “कुछ तो गड़बड़ है, दोस्त,” सिया ने रेलिंग से सटकर धीरे से कहा। “ये तो उसकी आदत नहीं है,” मीरा ने माथे पर बल डालकर कहा।

डॉक्टर ने ब्रैम्बल के पैर देखे, दाँत देखे, आँखें भी देखीं। “ये तो ठीक लग रहा है,” उन्होंने उलझन में कहा। गहरे, नरम पुआल वाले तबेले में ब्रैम्बल एक बार भी लंगड़ाया नहीं था, इसलिए उन्हें उसका खुर उठाकर देखने का ख़याल ही नहीं आया। “ध्यान से देखो। हर सुराग़ ज़रूरी होता है,” सिया बुदबुदाई। वह हाथ में आतिशी शीशा लिए तबेले के दरवाज़े के पास झुककर बैठी थी।

सिया ब्रैम्बल के तबेले के अंदर गई। पुआल का बिछौना मोटा और नरम बिछा था, उसके टख़नों तक ऊँचा, उसने पहले कभी इतना नरम नहीं देखा था। “ये तो रोज़ से ज़्यादा गहरा है,” वह सिर टेढ़ा करके, उँगलियाँ पुआल में फिराते हुए बोली। “मीरा दीदी, क्या आप उसका बिछौना हमेशा इतना ऊँचा बनाती हैं?”

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