मायरा और दीवार पर परछाईं का रहस्य

आयु 6–8

जब मायरा की मेज़ पर सिर्फ़ एक परछाईं वाली तस्वीर के सुराग़ के साथ एक रहस्यमयी ट्रॉफ़ी मिलती है, तो वह ऊँचाई, बैठने के ढंग और बालों की परछाइयाँ नापकर पता लगाती है कि यह प्यारा तोहफ़ा किस दोस्त ने रखा है।

"मायरा और दीवार पर परछाईं का रहस्य" का कवर

मायरा ने क्लबहाउस का दरवाज़ा धकेला और ठिठककर रुक गई। उसकी मेज़ के ठीक बीचोंबीच एक छोटी-सी सुनहरी ट्रॉफ़ी रखी थी, जो उल्का जैसे तारे के आकार की थी। न कोई चिट्ठी, न कोई नाम। “यह किसने रखी?” उसने धीरे से कहा। “परछाइयाँ कभी झूठ नहीं बोलतीं,” वह हमेशा कहती थी। “चलो, पता लगाते हैं।”

पास के कॉर्कबोर्ड पर एक अजीब-सी तस्वीर टँगी थी। बस दीवार पर एक परछाईं, सिर और कंधे, और कुछ नहीं। “कैमरे में सिर्फ़ एक छाया आई है,” ओट्टो ने अपना गोल चश्मा ठीक करते हुए कहा। “लेकिन परछाइयाँ आकार के बारे में कभी झूठ नहीं बोलतीं। चलो, इसे नापते हैं।”

“पहला सुराग़ है ऊँचाई,” मायरा ने तस्वीर के पास फुटा पकड़कर कहा। “देखो, परछाईं का सिर ठीक नक़्शे पर लगी पिन पर आ रहा है।” उसने उस जगह पर उँगली रखी। “मुझसे लंबा। अलमारी से छोटा।” वह मुस्कुराई। “अब सबको नापकर देखते हैं!”

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