अनन्या और आँगन में मिले पंख का रहस्य
आयु 6–8
जब अनन्या को आँगन में एक अजीब धारीदार पंख मिलता है, तो उसे सुराग़ों, गिनती और अपनी भरोसेमंद गाइड-किताब की मदद से पता लगाना है कि यह किस चिड़िया का है — और एक वैज्ञानिक का सबसे ज़रूरी नियम सीखना है: देखो, पर उठाओ मत।

“, देखो!” अनन्या फुसफुसाई और चलते-चलते एकदम रुक गई। बाड़ के पास घास में से कुछ चमकीला, धारीदार झाँक रहा था। यह सूरजमुखी की पंखुड़ी नहीं थी। यह पत्ता भी नहीं था। अनन्या के जासूसी दिमाग़ में गुदगुदी होने लगी। जो भी यह था, किसी बहुत मज़ेदार रहस्य की शुरुआत लग रहा था।
पास से देखने पर पंख और भी अजीब लगा। पीली धारियों पर मोटी काली पट्टियाँ थीं, जैसे कोई नन्हा-सा धारीदार झंडा हो। “असली जासूस सबूत को नंगे हाथों से नहीं छूता,” अनन्या ने ख़ुद को याद दिलाया। “सबूत क्या कहता है?” उसने धीरे से कहा, और देखती रही, देखती रही।
“यहाँ एक पंख का सुराग़ मिला है!” अनन्या ने बाड़ की तरफ़ आवाज़ लगाई। उधर से एक हाथ हिला, और सूरजमुखियों के ऊपर से एक प्यारी-सी आवाज़ तैरती आई: “अच्छा, सुराग़ मिला है? तो ये काम तुम्हारी बर्ड-गाइड का है। जाओ जासूस, उसे ले आओ!”


