मायरा और "अभी नहीं" का पहाड़

आयु 6–8

अपनी साइकिल से तीन बार गिरने के बाद मायरा सीखती है कि “मुझसे नहीं होगा” का असली मतलब है “मुझसे अभी नहीं हो रहा”, और चौथी कोशिश में वह अपने दम पर फुटपाथ पर फर्राटे से साइकिल दौड़ाती है।

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टिन-टिन! मायरा की लेडीबग वाली घंटी बज उठी, और उसके पसीने से भीगे हाथ हैंडल को कसकर थामे हुए थे। उसकी चमकदार लाल साइकिल आँगन में तैयार खड़ी थी, और पहली बार उसके सहायक पहिये हट चुके थे। “आज वही दिन है,” उसने मिनी बिल्ली से कहा और अपना आसमानी हेलमेट ठुड्डी के नीचे कसकर बाँध लिया। “आज मैं अकेले साइकिल चलाऊँगी!”

उसने ज़ोर से पैडल मारा और फुटपाथ पर चल पड़ी। डगमग, डगमग… धड़ाम! वह सीधी झाड़ी में जा गिरी। बालों में पत्तियाँ अटक गईं, घुटने छिलकर गुलाबी हो गए, और चारों ओर कुचली हुई घास की महक फैल गई। “आऊ!” वह चिल्लाई। मिनी टहनियों के बीच से झाँकने लगी, पलकें झपकाती हुई, जैसे कह रही हो, “ज़रूर बहुत लगी होगी।”

उसने फिर कोशिश की। डगमग… धड़ाम! और एक बार फिर, डगमग, धम्म! तीन बार उसी झाड़ी में! “यह तो हो ही नहीं सकता,” मायरा बोली और हेलमेट बाँधे-बाँधे ही घास पर बैठ गई और घुटनों को बाँहों में भर लिया। क्या कभी ऐसी कोशिश भी होगी जो कामयाब हो?

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