पीहू की चौकस नज़र

आयु 6–8

जूनियर लाइफ़गार्ड की ट्रेनिंग में, भीड़ भरे समुंदर किनारे पीहू लहरों पर पैनी नज़र रखती है जबकि बाक़ी बच्चे ध्यान भटका बैठते हैं, और जब एक तैराक रिप करंट में खिंच जाता है, तो उसकी तेज़ नज़र और झट बजी सीटी एक जान बचाने वाले बचाव की शुरुआत करती है।

"पीहू की चौकस नज़र" का कवर

सुबह की सुनहरी धूप समुंदर किनारे बिखर रही थी। पीहू ने अपनी सफ़ेद टोपी पहनी और नारंगी सीटी गले में लटका ली। मीना मैडम बोलीं, “आज जूनियर लाइफ़गार्ड की नज़र पानी पर रहेगी, बातों की लहरों पर नहीं।” पीहू ने सिर हिलाया, पर उसकी नज़र अब तक समुंदर की ओर जा चुकी थी।

ऊँची मचान पर पीहू सीधी और शांत बैठी थी। नीले आसमान के सामने उसकी लाल कमीज़ चमक रही थी। नीचे दूसरे जूनियर गार्ड हँस रहे थे और सीपियाँ बदल रहे थे। आरव ने धारीदार सीपी हवा में लहराई। “देखो, मुझे क्या मिला!” वह चिल्लाया। नज़र पानी पर, पीहू ने खुद को याद दिलाया और लहराते नीले पानी को देखती रही।

“आओ, मेरी सीपियों का संग्रह देखो!” आरव ने मुस्कुराकर फिर पुकारा। एक पल को पीहू का मन हुआ कि वह भी नीचे दौड़ जाए और गर्म रेत में खेले। पर उसने गहरी साँस ली और सिर हिला दिया। “मुझे तैराकों को देखना है,” वह बोली और चमकते समुंदर की ओर लौट गई। नज़र पानी पर, पहले बाएँ, फिर दाएँ।

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