वीर और सबसे लंबी उड़ान
आयु 6–8
वीर का सपना है कि वह अपने छोटे ग्लाइडर को पूरे एक घंटे तक हवा में रखे। इसके लिए उसे उसके पंखों को सही आकार देना और आसमान में गरम हवा की अनदेखी नदियाँ ढूँढना सीखना पड़ता है, तभी यह रिकॉर्ड-तोड़ उड़ान मुमकिन होती है।

वीर को अपना छोटा-सा लाल ग्लाइडर सबसे ज़्यादा पसंद था। “किसी दिन,” उसने ज़ूमी से कहा, “मैं तुम्हें पूरे एक घंटे तक हवा में रखूँगा!” ज़ूमी ने सिर टेढ़ा किया। “एक घंटा? वो तो बहुत लंबा होता है!” वीर मुस्कुराया और उसने अपने क्लिपबोर्ड पर अपना लक्ष्य लिख दिया: साठ मिनट।
पहली उड़ान छोटी और उदास-सी रही। ग्लाइडर झुका, डगमगाया और सिर्फ़ दस सेकंड बाद धप से घास पर आ गिरा। “ये हवा में टिकता क्यों नहीं?” वीर ने आह भरी और घुटनों के बल बैठकर उसे उठा लिया। का धूप में तपा हुआ हाथ उसके कंधे पर आ टिका। “चलो, ज़रा इसके पंख देखते हैं,” उन्होंने कहा।
वर्कबेंच पर लौटकर ने पंख का मुड़ाव दिखाया। “देखो, ये हल्का-सा उभार? इसे कैंबर कहते हैं। मुड़ा हुआ पंख ज़्यादा हवा को समेटता है, और हवा उसे ऊपर की ओर धकेलती है।” वीर ने काग़ज़ के पंख पर एक उँगली फिराई। “तो ज़्यादा चपटा पंख जल्दी गिरता है?” “बिलकुल ठीक,” ने कहा।


