विवान और रॉकेट के ईंधन का सही मेल

आयु 6–8

शहर के रॉकेट मैदान में विवान फ़िज़ वाले केमिकल रॉकेट और फुस्स करने वाले हवा के दबाव वाले रॉकेट को साथ-साथ आज़माता है। वह ईंधन का सही अनुपात ढूँढ रहा है, तभी एक रॉकेट डगमगाकर बग़ल में जा लगता है और उसे दिन का सबसे बड़ा सबक सिखा जाता है।

"विवान और रॉकेट के ईंधन का सही मेल" का कवर

“तैयार हो, विवान?” धारीदार लॉन्च टावर के पास से एक आवाज़ आई। विवान ने सिर हिलाया। सेफ़्टी चश्मा उसकी आँखों पर कसकर लगा था। आज का बड़ा सवाल था: रॉकेट को सबसे ऊँचा उड़ाने के लिए सही अनुपात क्या होगा? उससे सब्र ही नहीं हो रहा था, वह जल्दी से जल्दी जानना चाहता था।

“पहला नियम,” डॉक्टर माला ने मेज़ पर रखे एक फ़ालतू चश्मे को उँगली से थपथपाते हुए कहा, “कोई भी रॉकेट उड़ाने से पहले सेफ़्टी चश्मा पहनना ज़रूरी है!” विवान ने देखा कि उसका अपना चश्मा ठीक से लगा है। चीकू ने मेज़ पर सजे रॉकेट गिने। “एक केमिकल रॉकेट, एक हवा वाला रॉकेट, और एक रहस्यमय रॉकेट!” वह चहककर बोला। “फ़िज़, नापो, उड़ाओ!”

पहले रॉकेट के लिए विवान ने उसमें थोड़ा-सा सिरका डाला और बेकिंग सोडा का एक पैकेट। “बस थोड़ी-सी फ़िज़,” उसने कहा और नोज़ कोन को खट से बंद कर दिया। “अंदर गैस बनती जाएगी, बनती जाएगी, और फिर—पॉप! देखते हैं, थोड़ी-सी फ़िज़ रॉकेट को कितना ऊँचा उड़ा सकती है। फ़िज़, नापो, उड़ाओ!”

"विवान और रॉकेट के ईंधन का सही मेल" का पृष्ठ 1"विवान और रॉकेट के ईंधन का सही मेल" का पृष्ठ 2"विवान और रॉकेट के ईंधन का सही मेल" का पृष्ठ 3

अपने बच्चे के नाम और फ़ोटो से बनाएँ · कहानी पुस्तकालय देखें