पीहू का मैग्लेव रफ़्तार वाला पॉड
आयु 6–8
पीहू स्कूल की ट्यूब-पटरी वाली दौड़ के लिए एक तैरता पॉड बनाती है और चुंबक की धारियाँ तब तक ठीक से सजाती है, जब तक पॉड बिना किसी पहिये के चुपचाप और तेज़ी से फिसलने नहीं लगता।

“वेलॉसिटी पॉड चैलेंज आज है!” आरव पंजों के बल उछलते हुए बोला। पीहू ने हाथ में एल्युमिनियम जैसे रंग का चिकना पॉड-खोल कसकर पकड़ रखा था, चमकदार और पत्ते जितना हल्का। “मैं हमेशा से कुछ ऐसा बनाना चाहती थी जो सच में उड़े,” उसने कहा। वह काँच की लंबी ट्यूब वाली पटरी को देख रही थी, जो किसी बड़े चाँदी के रिबन की तरह मुड़ती हुई चौखाने वाले झंडे तक जा रही थी।
“मेरा पॉड हवा को ऐसे चीरेगा जैसे बारिश की बूँद,” पीहू ने कहा। वह खोल को हाथों में उलट-पलट रही थी और उसका चेहरा खिला हुआ था। कोच रेणुका का हाथ आगे आया और उन्होंने पॉड का घुमाव सहलाया। “गोल आकार चौकोर से जीतता है,” वे बोलीं। “जितना कम उभार, उतना कम हवा का धक्का।”
पीहू ने छोटे पॉड को रेगमाल से घिसा और उसके हर नुकीले कोने को गोल कर दिया। काम करते हुए उसका चेहरा दमक रहा था। “और चिकना, और चिकना,” वह धीरे से बुदबुदाई। आरव ने अपना चौकोर पॉड पंखे की हवा में धकेला। वह डगमगाया और खट-खट करने लगा। “देखा?” पीहू ने कहा। “उभार वाले आकार हवा ज़्यादा पकड़ते हैं। हमारा पॉड बारिश की बूँद जैसा होना चाहिए।”


