अनन्या और चाँद की लावा गुफ़ा
आयु 6–8
जब अनन्या को चाँद के तूफ़ानों के सागर के नीचे एक छिपी हुई खोखली जगह दिखती है, तो उसे साबित करना होता है कि ये विशाल लावा ट्यूब अंतरिक्ष यात्रियों को जानलेवा अंतरिक्ष किरणों से बचा सकती है।

तूफ़ानों का सागर धूसर और चुपचाप फैला था, धूल की पहाड़ियाँ ऐसे उठी थीं जैसे जमी हुई लहरें। “मेरा स्कैनर कहता है कि नीचे कुछ है,” अनन्या ने ज़मीन के एक फटे हुए हिस्से के पास बैठकर कहा। ओर्बी ने बीप किया। “खोखली जगह होने की संभावना: बहुत ज़्यादा।” अनन्या मुस्कुरा उठी। “तो चलो, चाँद की गुफ़ा ढूँढते हैं।”
उसने स्कैनर को धीरे-धीरे धूल के ऊपर घुमाया। उसकी छोटी स्क्रीन पर हरी रोशनी फैलने लगी और ज़मीन के नीचे एक लंबी, मुड़ती हुई परछाईं दिखने लगी। “ये दरार नहीं है,” अनन्या फुसफुसाई। “ये तो सुरंग है। बहुत बड़ी सुरंग।” ओर्बी की आँख फैल गई। “दोबारा हिसाब लगाता हूँ। इससे तो सब कुछ बदल जाता है।”
वे छिपे हुए मोड़ के साथ-साथ मैदान पार करते गए, और फिर ज़मीन में एक अँधेरा, गहरा गड्ढा खुल गया, जैसे छत में बनी खिड़की हो। अनन्या किनारे पर बैठ गई, उसका दिल धक-धक कर रहा था। “लावा ट्यूब,” उसने कहा। “लाखों साल पहले जब पुराने ज्वालामुखियों का लावा यहाँ नीचे बहा था, तब ये बनी थी।” ओर्बी ने जोड़ा, “और ये कभी ढही नहीं। हमारी किस्मत अच्छी है।”


