रोहन और जादुई सींग की खोज
आयु 3–5
जादू के एक सपने के सहारे रोहन मैदान में यूनिकॉर्न को ढूँढने निकलता है, और पाता है कि असली अजूबा तो उस भलाई में है जो वह अपने दिल में लिए चलता है।

रोहन की एक बहुत बड़ी इच्छा थी। वह एक यूनिकॉर्न को ढूँढना चाहता था, एक ऐसा दोस्त जिसका सींग चाँदी का हो और दिल रोशनी से भरा हो।
वह घास के मैदान में आ पहुँचा। हवा में फूल फुसफुसाए, “चमक को ढूँढो, रोहन। उजाले को ढूँढो।”
छोटी-सी नदी गुनगुनाने लगी। पानी ने गाया, “मैं यूनिकॉर्न नहीं हूँ, पर मुझमें भी जादू भरा है। ज़रा-सा पानी पी लो, और हिम्मत रखो।”


