आदित्य और चमकीले सींग वाले यूनिकॉर्न की खोज
आयु 3–5
जादू के एक सपने के पीछे चलते हुए आदित्य मैदान में यूनिकॉर्न को ढूँढता है, और पाता है कि सबसे चमकीला जादू तो अच्छाई और प्यार में है।

आदित्य सुबह उठा तो उसके दिल में एक इच्छा थी। आज वह उस यूनिकॉर्न को ढूँढेगा जो सुबह की ओस की तरह चमकता है।
वह ऊँची-ऊँची घास में आगे बढ़ा। मैदान एक मीठा-सा गीत गुनगुना रहा था, और हवा पेड़ों के बीच राज़ की बातें फुसफुसा रही थी।
अरे, क्या वह पूँछ है? आदित्य ने एक बड़े, झूलते पत्ते के पीछे झाँका। वह तो बस एक सफ़ेद खरगोश था, जो अपनी गुलाबी नाक हिला रहा था।


