आरव और आँगन में अक्षरों की खोज
आयु 3–5
अपनी हाथ से बनी किताब और तेज़ नज़र के साथ आरव आँगन की सफ़ारी पर निकलता है और प्रकृति के आकारों में छिपे अक्षर खोज निकालता है।

आरव ने अपने जूते पहन लिए। आज सफ़ारी पर जाने का समय था! उसने अपनी खाली स्केचबुक कसकर पकड़ ली। “आज मैं बगीचे में छिपी वर्णमाला ढूँढ़ूँगा,” वह धीरे से बोला।
सबसे पहले आरव ने पुराने, टेढ़े-मेढ़े बलूत के पेड़ को देखा। अरे वाह! एक घुमावदार डाली बिल्कुल बड़े 'S' की तरह मुड़ी हुई थी। “मैंने तुम्हें देख लिया!” आरव हँस पड़ा।
क्यारी के पास आरव को सूरजमुखी का एक लंबा, सीधा डंठल मिला। वह बिल्कुल 'I' जैसा था। “आज तुम कितने ऊँचे खड़े हो,” आरव ने फूल से कहा।


